इस्लामी शिक्षा
क़ुरआन, सुन्नत और इस्लामी शिक्षाओं के अध्ययन तथा उनकी समझ को प्रोत्साहित करना।
हमारी संस्था, उसके शैक्षिक उद्देश्य और इस्लामी शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का परिचय।
दारुल उलूम ज़कारिया उत्तर प्रदेश के ज़िला सहारनपुर के गंगोह कस्बे में सरकारी अस्पताल के पीछे स्थित एक इस्लामी शैक्षणिक संस्था है।
संस्था का उद्देश्य इस्लामी शिक्षा, आध्यात्मिक विकास, अच्छे चरित्र और व्यापक समाज के प्रति ज़िम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है।
अपने शैक्षिक मिशन के माध्यम से संस्था ऐसा वातावरण प्रदान करने का प्रयास करती है जहाँ शिक्षा, अनुशासन, सम्मान और धार्मिक समझ को महत्व दिया जाता है।
हमारी शैक्षिक पद्धति में धार्मिक समझ, व्यक्तिगत आचरण और समाज की सेवा को महत्व दिया जाता है।
क़ुरआन, सुन्नत और इस्लामी शिक्षाओं के अध्ययन तथा उनकी समझ को प्रोत्साहित करना।
ईमानदारी, सम्मान, ज़िम्मेदारी, अच्छे आचरण और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देना।
दया, सहयोग और समाज में सकारात्मक योगदान देने की भावना को प्रोत्साहित करना।
कारी अब्दुल जब्बार रशीदी दारुल उलूम ज़कारिया के संस्थापक हैं। संस्था की स्थापना में उनकी भूमिका के सम्मान में यहाँ उनके शैक्षिक मिशन के प्रति योगदान का उल्लेख किया गया है।
संस्था, उसकी शैक्षिक गतिविधियों या अन्य जानकारी के लिए दारुल उलूम ज़कारिया से संपर्क करें।
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